भारत में फुटबॉल कैसे शुरू हुआ
भारत में फुटबॉल की शुरुआत 19वीं सदी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश सैनिकों और व्यापारियों के साथ हुई। कोलकाता इस खेल का पहला केंद्र बना, जहाँ 1888 में डूरंड कप की नींव रखी गई — यह एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है। 1911 में मोहन बागान ने IFA शील्ड जीतकर इतिहास रचा जब एक भारतीय टीम ने पहली बार किसी यूरोपीय क्लब
को हराया। यह जीत सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान की भी थी। आज़ादी के बाद भारत ने 1948 और 1956 ओलंपिक में हिस्सा लिया। 2017 में शुरू हुई Indian Super League ने इस खेल को नई ऊँचाई दी और युवा पीढ़ी को फिर से फुटबॉल से जोड़ा।